राकेश टिकैत का विवादित बयान- तालिबान से किया केंद्र सरकार की तुलना

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भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता ‘राकेश टिकैत’ ने कहा है कि “केंद्र सरकार हम सभी को बाटने का काम कर रही है , सरकार किसानों को खालिस्तान और जाटलैंड के नाम पर बांटने की कोशिश कर रही है, जिसे तत्काल रूप से बंद कर दे। और अगर वो कहते है की देश के किसान खालिस्तानी हैं तो फिर दिल्ली में बैठी यह सरकार तालिबानी है। आज केंद्र सरकार में बैठे लोग बंदूक के जरिए पूरे देश पर कब्जा जमाना चाहते हैं। लेकिन हम बता दें की दिल्ली की सीमाओं पर बैठा किसान अब उठने वाला नहीं है। नए कानून वापस लेकर एम एस पी की गारंटी का कानून बनाना पड़ेगा तभी किसान इस हड़ताल को ख़त्म करेगा और सरकार हम किसानो को बाटने का काम बंद कर दे।

देश सियासत से नहीं बल्कि किसान आंदोलन से बचेगा- टिकैत

राकेश टिकैत ने यह भी कहा है कि आज देश को बड़े उद्योगपति चला रहें हैं, यह देश किसानो का है और, देश सियासत से नहीं बल्कि किसान के आंदोलन से बचेगा। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए यह भी कहा की आज देश में बैठी केंद्र सरकार को कोई पार्टी या नेता नहीं बल्कि निजी कंपनियां चला रहीं हैं। इसलिए सरकार द्वारा किसानों से बातचीत नहीं की जा रही है। साथ ही उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह का धन्यवाद करते हुए कहा की पंजाब में गन्ने का भाव बढ़ाने के लिए हम कैप्टन अमरिंदर सिंह का धन्यवाद करते हैं जो उन्होंने किसानों की मांगो को पूरा किया है , केंद्र सरकार ने तो प्रति किलोग्राम बस पांच पैसे भाव बढ़ाया है और उन्होंने यह भी बताया की 5 सितंबर को निजी कंपनियों के खिलाफ वह बड़े आंदोलन का एलान भी करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा की सरकार सब कुछ बेचने पर तुली हुई है। रेलवे, रोड, स्टेडियम, स्टील प्लांट सभी का निजीकरण हो गया है। दो महीना तो अनाज सस्ता रहेगा और जब किसान अनाज को बेच देंगे तो वो लोग 10 महीने के बाद उसे महंगा कर के बेचेंगे और उन्होंने केंद्र सरकार से एमएसपी पर गारंटी देने को भी कहा।

किसान आंदोलन अब सिर्फ कृषि कानूनों के लिए आंदोलन नहीं बल्कि देश बचाने का आंदोलन बन गया है- टिकैत

शुक्रवार को चंडीगढ़ में किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि “किसान आंदोलन अब सिर्फ कृषि कानूनों के खिलाफ न रहकर देश बचाने का आंदोलन बन गया है, उन्होंने कहा कि 5 सितंबर को मुजफ्फरनगर की राष्ट्रीय किसान महापंचायत से उत्तर प्रदेश के साथ मिशन देश भी शुरू करेंगे और उस मिशन में सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में बेचने का पुरजोर विरोध किया जाएगा साथ ही उन्होंने यह भी ऐलान किया कि प्रधानमंत्री मोदी के 2022 में किसानों की आय दोगुना होने के ऐलान के अनुसार किसान आने वाले एक जनवरी से अपनी फसल को दोगुनी कीमत पर बेचना शुरू कर देंगे और इस पर केंद्र सरकार अपनी कमर कस ले और अभी से इसकी तैयारी कर ले।

सरकार बांटने का काम कर रही लेकिन किसान एकजुट हैं – टिकैत

सेक्टर-25 के ग्राउंड रैली में राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि “सरकार ने किसानों से पंगा लिया है, अब किसान माफ नहीं करेगा। सरकार बांटने का काम कर रही है लेकिन किसान एकजुट होकर हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। जब तक कानून वापसी नहीं होगी, घर वापसी नहीं होगी।” उन्होंने बिहार के किसानो की बात करते हुए यह भी कहा की “बिहार से अन्न लाकर पंजाब व अन्य प्रदेशों में अधिकारी और नेता मिलकर एमएसपी पर बेचते हैं, सरकार एम एस पी पर गारंटी दे, उन्होंने चंडीगढ़ का उदहारण देते हुए कहा कि “चंडीगढ़ ने पूरे देश को दिखाया कि आंदोलन कैसे चलता है और साथ ही इसी दौरान टिकैत ने लोगों को मुजफ्फरनगर की रैली में आने का न्योता भी दिया।

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