नवजोत सिंह सिद्धू के सलाहकार के पोस्ट और बयानों पर छिड़ा विवाद, पार्टी से बाहर करने की मांग।

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पंजाब से कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के सलाहकार मलविंदर सिंह माली की वजह से पार्टी के अंदर खलबली मची हुई है। मलविंदर सिंह माली ने अपने फेसबुक पेज पर एक मैगजीन का कवर पेज शेयर किया जिसे करते ही वो चर्चा में आ गए। दरसल माली ने 1989 में पब्लिश ‘जन तक पैगाम’ नाम की पंजाबी मैगजीन का कवर सोशल मीडिया में शेयर किया है। इसमें दिख रहा है कि इंदिरा गांधी इंसानी खोपड़ियों के ढेर पर खड़ी हैं और उनके हाथ में मौजूद बंदूक पर भी एक खोपड़ी लटक रही है। इस स्केच में लिखा है, ‘हर जबर दी यही कहानी, करना जबर‌ ते‌ मुंह दी खानी’ यानी हर जुल्म करने वाले की यही कहानी है कि उसे आखिर में मुंह की खानी पड़ती है।’ असल में यह फोटो 1984 में सिख दंगों में हुए कत्लेआम को दिखाता है। इसके लिए सिख समुदाय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को जिम्मेदार मानता है। इस मैगजीन के संपादक भी उस वक्त मालविंदर सिंह माली ही थे।

मुख्यमंत्री कैप्टन ने लगाई फटकार।

सिद्धू के सलाहकार मलविंदर सिंह माली को कैप्टन ने कड़ी फटकार लगाई है, मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका काम सलाह देना है तो बस वो प्रधान को सलाह देने तक सीमित रहे। और वही जिन मुद्दों की जानकारी न हो तो और न पता हो की इसका परिणाम क्या होगा तो ऐसे मुद्दों पर बयान न दे। मुख्यमंत्री अपने मीडिया सलाहकार रवीन ठाकुराल ने जरिए यह ट्वीट कर और उसमे नवजोत सिंह सिद्धू को भी टैग किया है। कैप्टन ने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। उन्होंने कश्मीर और पाकिस्तान के बारे में की गई बयानबाजी को देश विरोधी करार दिया। कैप्‍टन ने कहा कि सिद्धू के सलाहकार स्पष्ट रूप से जमीनी हकीकत से अनजान हैं। उन्होंने कहा, ‘इस तथ्य से हर पंजाबी और भारतीय वाकिफ है कि पाकिस्तान हमारे लिये वास्तविक खतरा है। हर दिन वे हमारे राज्य और हमारे राष्ट्र को अस्थिर करने के खुले प्रयास के तहत ड्रोन के माध्यम से पंजाब में हथियार और ड्रग्स भेज रहे हैं।

मनीष तिवारी के कहा ऐसे लोगों पर एक्शन ले पार्टी।

मनीष ने कहा की भारत के संसद से सर्वसहमति से एक प्रस्ताव पारित हुआ था कि, जम्मू और कश्मीर भारत का एक अटूट अंग है। और अगर भारत के बटवारे का कोई काम अभी बाकी बचा है और वो उन इलाकों को वापिस लेना है जो कि पाकिस्तान के नाजायज कब्जे में है। भारत के सर्वसहमति से संसद ने इस बात को 2012 में दोहराया था। तिवारी ने कहा की जो व्यक्ति यह मानते ही नहीं की जम्मू कश्मीर भारत का हिस्सा है। तो क्या ऐसे इंसान को इस मुल्क में रहने का कोई अधिकार है, पार्टी तो दूर की बात है। यही नहीं मनीष ने कहा की भारत की एकता और अखंडता को बरकार रखने के लिए जब पंजाब और कश्मीर आतंकवाद की दौर से गुजर रहा था तो हजारों कांग्रेस जनों ने अपनी कुर्बानियां दी। और अगर इस तरह का कोई भी बयान आता है तो ये उन लोगो की शहादत पर खिल्ली उड़ाने जैसा है।

विरोध के बाद भी नहीं हटाई फोटो।

बता दें कि, नवजोत सिंह सिद्धू गांधी परिवार के बेहद करीबी माने जाते है, और अक्सर खुद को करीबी बताने के लिए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ अपनी फोटो शेयर करते रहते है। इस वजह से कांग्रेस के नेताओ ने इस फोटो पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मनीष तिवारी से लेकर कई बड़े नेता इसका विरोध कर रहे है और माली के द्वारा शेयर किए गए इस स्केच को हटाने के लिए भी कहा है। लेकिन नेताओ के कहने के बावजूद माली ने इस फोटो को अपने सोशल मीडिया से नही हटाया। अभी हाल में ही नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने सलाहकार मलविंदर सिंह माली को नियुक्त किया है।

कश्मीर पर भी किया विवादित पोस्ट।

मलविंदर सिंह माली लगातार विवादित पोस्ट लिखते रहते है, अपने एक पोस्ट पर वो लिखते है कश्मीर पर भारत और पाकिस्तान ने अवैध कब्जा कर रखा है, वो कश्मीर को एक अलग देश बताते है। अपने पोस्ट पर माली लिखते है कश्मीर लोगो का देश है, 1947 mr भारत छोड़ने के नियम पर, UNO के फैसले पर भारत द्वारा किए गए फैसलों पर कश्मीर के दो टुकड़े हुए पाकिस्तान और ऊपर भारत कब्जा कर लिया।

अकाली दल ने भी सिद्धू पर निशाना साधा।

उधर, अकाली दल के दलजीत सिंह चीमा ने दिवंगत पीएम इंदिरा गांधी का विवादित स्केच पोस्ट करने को लेकर सिद्धू पर न‍िशाना साधा। उन्‍होंने कहा क‍ि जब देश पाकिस्‍तान के खिलाफ था तब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की ओर किसने हाथ बढ़ाया? पाक सेना प्रमुख को किसने गले लगाया? जब नवजोत सिंह सिद्धू ऐसे हैं, तो सलाहकारों की शिकायत क्यों करें?

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी से किए सवाल।

पंजाब कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिद्धू के सलाहकारों की ओर से पाकिस्तान और कश्मीर पर टिप्पणियों करने को लेकर बीजेपी प्रवक्‍ता संबित पात्रा ने न‍िशाना साधा है। संबित पात्रा ने कहा, ‘उनकी कमेंट भयावह हैं और यह भारत की खराब तस्वीर पेश करती है। यह पार्टी की विचार प्रक्रिया को दर्शाता है। क्या राहुल गांधी जवाब देंगे कि उन्होंने सिद्धू के सलाहकार नियुक्त किए हैं?

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