कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों को शुरू करने को लेकर, मदद के लिए मसूद अजहर ने किया तालिबानी आतंकियों से मुलाकात : रिपोर्ट

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आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्मद का प्रमुख ‘मसूद अजहर’ ने, कश्मीर में आतंक फ़ैलाने को लेकर तालिबानियों से मांगी है मदद, मसूद अजहर ने कांधार में मुल्ला अब्दुल गनी बरादर सहित तालिबान के कई लोगो से मुलाकात की है और कश्मीर में फिर से आतंक फैलाने के लिए मदद मांगी है।

जिस तरह से कहा आता जा रहा है कि अफगानिस्तान में तालिबान का कब्ज़ा हो जाने के बाद भारत में भी आतंकवादी गतिविधियों के बढ़ने का खतरा है, वैसे खबर अब सामने आते दिख रहे हैं। अफगानिस्तान को कब्जे में लेने के बाद से ही यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि आतंकवाद अब फिर से दुनिया के लिए सरदर्द बनने जा रहा है, अमेरिका की करी गई इस बड़ी भूल से भारत को सबसे ज्यादा सरदर्द होने वाला है, क्योंकि पाकिस्तान जो की भारत में आतंकी गतिविधियों के समर्थन में कई आतंकवादी संगठनों को पनाह देता आ रहा है, ऐसे में माना यह जा रहा था की अफगानिस्तान कब्ज़ा होने के बाद से ही और भी आतंकवादी संगठन एक्टिव हो जाएंगे और पकिस्तान की पूरी कोशिश यह रहेगी की कश्मीर और भारत के अन्य हिस्सों में आतंकवादी गतिविधियों को तेज़ कर दिया जाए, आर्टिकल 370 के हटने के बाद से ही पकिस्तान की बौखलाहट तेज़ हो गई थी अब उसे जिस मौके की तलाश थी वो मौका काबुल पे कब्ज़ा होने के बाद से ही उसे नजर आ रहा है ।

अफगानिस्तान पर तालिबान द्वारा कब्ज़ा कर लेने के बाद पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद फिर से एक्टिव होता नजर आ रहा है दरअसल सूत्रों के मुताबिक जैश ए मोहम्मद का प्रमुख आतंकवादी मौलाना मसूद अजहर अगस्त के तीसरे सप्ताह में कांधार में ही था, और वह आतंकवाद को जम्मू-कश्मीर में फिर से बढ़ावा देने के लिए तालिबानियों का समर्थन चाहता है, इसलिए उसने कांधार में जाकर तालिबान के नेताओं से मुलाक़ात भी किया। ‘इंडिया टुडे’ के सूत्रों के मुताबिक यह जानकारी सामने आई है की आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद का प्रमुख मसूद अजहर ने तालिबान के नेता ‘मुल्ला अब्दुल गनी बरादर’ सहित कई और तालिबान के नेताओं से मुलाकात किया है और साथ ही कश्मीर में जैश ए मोहम्मद के ऑपरेशन के लिए तालिबानियों से मदद भी मांगी है । बता दें कि इससे पहले 15 अगस्त को काबुल पर तालिबान के कब्ज़ा कर लेने के बाद मसूद अजहर ने तालिबान की इस जीत पर अपनी खुशी जाहिर की थी, उसने अमेरिका की बनाई हुई अफगानिस्तान की फ़ौज और सरकार के पतन के लिए तालिबान की प्रसंसा भी की थी।

भारत समेत सभी देशों के साथ अच्छे संबंध चाहता है तालिबान ?

काबुल को कब्ज़ा कर लेने का बाद से ही जो तस्वीरे दुनिया देख रही है उससे लगभग दुनिया के कई देश और लोग परेशान है और अफगानिस्तान के नागरिकों की सलामती के लिए सभी प्रार्थना भी कर रहे हैं, ऐसे में पकिस्तान और चीन जैसे देशों को छोड़कर लगभग कई देश तालिबान की इस सरकार को मान्यता नहीं देने को तैयार हैं ऐसे में तालिबान भी प्रेस कांफ्रेंस के जरिये और अलग अलग रास्तो से तालिबान की सरकार को दुनिया भर से मान्यता दिलाने के लिए अपनी पूरी कोशिश में लगा हुआ है इस बीच तालिबान के एक अधिकारी ने कहा है कि “तालिबान भारत समेत सभी देशों के साथ अच्छे संबंध चाहता है। उन्होंने संकल्प लिया कि अफगानिस्तान की भूमि का इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ नहीं करने दिया जाएगा।” तालिबान के प्रवक्ता ‘जुबिउल्लाह मुजाहिद’ ने यह भी कहा कि “समूह जिसके हाथ में अब अफगानिस्तान की बागडोर है वह भारत को क्षेत्र में एक अहम हिस्सा मानता है। पाकिस्तान के ए आर वाई समाचार चैनल ने बुधवार को मुजाहिद के हवाले से कहा, ‘हम क्षेत्र के एक अहम हिस्से भारत समेत सभी देशों के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं। हमारी आकांक्षा है कि भारत अफगान लोगों के हितों के अनुरूप अपनी नीति तैयार करे।” इससे पहले भी तालिबान द्वारा यह बात कही जा चुकी है की हम कश्मीर के मुद्दे पर अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं देंगे ये भारत का आतंरिक मामला है हम इसमें कोई दखल नहीं देंगे, हालांकि तालिबान जैसे आतंकवादी संगठन के बातों पर कोई कैसे ही भरोसा कर ले और वो भी तब जब पकिस्तान जैसा दुश्मन देश मौके के तलाश में बैठा हो की कब मौका मिले और वह कश्मीर घाटी में फिर से आतंक को फैलाए।

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