सांसद अतुल राय रेप मामला: पीड़िता के परिवार को मुहैया कराई गई कड़ी सुरक्षा, 24 घंटे गनर रहेंगे साथ

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रेप जैसे दुष्कर्म के आरोप में प्रयागराज के नैनी जेल में बंद बसपा के सांसद अतुल राय के सहयोगियों ने पीड़िता और गवाह पर दबाव बनाने के लिए सात मुकदमे दर्ज कराए थे। और साथ ही पीड़िता और गवाह को धमकी भी दी जाती थी।

रेप पीड़िता के सुप्रीम कोर्ट के बाहरआत्मदाह का मामला एक बार फिर से खबरों में नजर आ रहा है। शुक्रवार को हजरतगंज कोतवाली में सांसद अतुल राय और साथ ही रिटायर आई पी एस अधिकारी अमिताभ ठाकुर पर मुकदमा दर्ज हुआ था। अमिताभ ठाकुर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। जिसके बाद से ही मामला सुर्खियों में बना हुआ है। अब पुलिस की तरफ से पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई गई है सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिवार के साथ 24 घंटे गनर रहेंगे

पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को भेजा गया जेल

शुक्रवार को एसआईटी की जांच के आधार पर लखनऊ के हज़रतगंज थाने में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर और बसपा के सांसद अतुल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने अमिताभ ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया और उन पर एफआईआर दर्ज करने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को न्यायालय द्वारा 9 सितंबर तक जूडिशल कस्टडी में जेल भेजा दिया है।

क्या था पूरा मामला ?

उत्तर प्रदेश में बसपा के सांसद अतुल राय पर 2019 में उत्तर प्रदेश के कॉलेज की पूर्व छात्रा ने रेप का मुकदमा लंका थाने में दर्ज कराया था। मुकदमे के बाद बसपा सांसद ने रेप पीड़िता के खिलाफ भी कई मुकदमे दर्ज कराए। रेप पीड़िता और उसके मामले में गवाह देने वाले सत्यम ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर आत्मदाह कर लिया था। 21 मई को गवाह सत्यम राय और 25 मई को रेप पीड़िता की मौत हो गई थी । इसका वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें पीड़िता ने अतुल राय पर कई आरोप लगाए थे।

क्या थे पीड़िता और उसके दोस्त के आरोप?

सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो बनाते समय दोनों ने आरोप लगाया था कि सांसद अतुल राय के इशारे पर वाराणसी के पूर्व एसएसपी अमित पाठक, पूर्व एडीजी अमिताभ ठाकुर समेत कुछ जज भी उनके पीछे पड़े हुए हैं. दोनों का आरोप था कि सभी की मिलीभगत से दोनों पर फ़र्ज़ी मुक़दमे दर्ज हो रहे हैं. दोनों का यह भी आरोप था कि उत्तर प्रदेश में पुलिस और अदालत के साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय से भी उन्हें मदद नहीं मिल पाई.
वीडियो में पीड़ित के दोस्त ने कहा था, “हम लोगों ने पैसों का प्रलोभन छोड़कर भूखे-प्यासे रहकर अतुल राय के ख़िलाफ़ क़ानूनी लड़ाई जारी रखी थी ताकि क़ानून और पुलिस व्यवस्था में लोगों का भरोसा बढ़े. अब हम लोग एक नेक्सस में फँस गए हैं. हम लोगों के पास भी अगर राजनीतिक आश्रय होता तो शायद हमें इस क़दर परेशान नहीं होना पड़ता.”

धमकी देने वाले दो लोगों पर दर्ज हुआ था मुकदमा

पीड़िता के गवाह ने दिसंबर 2020 में लंका थाने में धमकी देने वाले शिवपुर निवासी शोभित सिंह और शुभम पर मुकदमा भी दर्ज कराया था। उसने लंका पुलिस को इस संबंध में पुख्ता प्रमाण भी सौंपा था। लेकिन लंका पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद इस मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं की थी। हालांकि पुलिस का दावा है कि पीड़िता के सभी मामलों में चार्जशीट लगाई गई है।

बलिया के पुलिस ने दी है सुरक्षा

सांसद अतुल राय पर रेप का मुकदमा कराने वाली पीड़िता के परिवार को लगातार धमकी आने के बाद से ही बलिया पुलिस ने एहतियातन सुरक्षा मुहैया करा दी है। भारी दबाव के बाद पीड़िता के परिवार को गनर और 24 घंटे सुरक्षा मुहैया करा दी गई है। इससे पहले वाराणसी के तत्कालीन SSP ने पीड़िता के शिकायती पत्रों पर गंभीरता नहीं दिखाई दी थी, जिसके चलते उसे किसी भी तरह की पुलिस सुरक्षा नहीं दी गई थी और परिवार को लगातार धगमकी भी मिलती आ रही थी ।
आपको बता दें कि रेप के आरोप में प्रयागराज के नैनी जेल में बंद भासपा के सांसद अतुल राय के सहयोगियों ने पीड़िता और गवाह पर दबाव बनाने के लिए सात मुकदमे दर्ज कराए थे जसिको लेकर परिवार काफी समय से परेशान था और साथ ही बीच-बीच में पीड़िता और गवाह को धमकी भी दी जाती थी।

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