प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों के लिए उज्ज्वला योजना 2.0 का किया शुभारम्भ

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गरीबों के लिए उज्ज्वला गैस कनेक्शन योजना 2.0 यानी इसके दूसरे चरण की शुरुआत की और कहा कि यह देश के लाखों प्रवासी श्रमिक परिवारों को सबसे बड़ी राहत प्रदान करेगा। उज्ज्वला 2.0 (प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना) के तहत, प्रवासी श्रमिकों और देश के गरीबो को अब गैस कनेक्शन प्राप्त करने के लिए पते के प्रमाण दस्तावेज प्राप्त करने के लिए ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ेगा, प्रधानंत्री ने कहा कि अब प्रवासी श्रमिकों को गैस कनेक्शन प्राप्त करने के लिए केवल अपने पते की घोषणा प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी।
बुंदेलखंड, महोबा में लाभार्थियों को एल पी जी कनेक्शन देने की योजना के शुभ आरंभ पर बोलते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा, “सरकार को आपकी ईमानदारी पर पूरा भरोसा है।” मोदी ने पिछले विधानसभा चुनाव से पहले 2016 में उत्तर प्रदेश के बलिया से उज्ज्वला योजना के पहले चरण की शुरुआत की थी। उत्तर प्रदेश में 2022 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

मोदी ने कहा आपको काफी इंतजार करना पड़ा जिसके लिए मुझे बहुत खेद है

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण के दौरान कहा कि आपको काफी लंबा इंतजार करना पड़ा उसके लिए मुझे बहुत दुःख है ,मोदी ने खेद व्यक्त किया कि देश को अपने नागरिकों को कुछ जरुरी सुविधाएं प्रदान करने के लिए कई दशकों का इंतजार करना पड़ा और इसका खामियाजा देश की महिलाओं को, ख़ासकर गरीब परिवारों की महिलाओं को भुगतना पड़ा। उन्होंने ये भी कहा कि जब महिलाएं घरों और रसोई से बाहर आती हैं, तभी वे राष्ट्र के निर्माण में योगदान दे सकती हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब कोई समाज बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करता रहता है तो वह अपने बड़े-बड़े सपनों को आखिर कैसे पूरा कर सकता है। वो उसी बुनियादी सुविधाओं को पूरा करने के ही व्यस्त रहता है उन्होंने कहा की भाजपा की सरकार के तहत, देश में 11,000 नए एलपीजी के वितरण केंद्र आए है और उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा 2,000 से 4,000 का हो गया है, जो की अब दुगना है।

मोदी ने किया लाभार्थियों के साथ बातचीत

प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, पंजाब, गोवा और उत्तर प्रदेश की उज्ज्वला योजना की महिला लाभार्थियों से बातचीत किया। देहरादून की बूंदी देवी ने उनको बताया कि गैस कनेक्शन ने उन्हें अपने पिता की देखभाल करने की अनुमति दी थी क्योंकि उन्हें अब लकड़ी लाने के लिए जंगल जाने की आवश्यकता नहीं थी, गोरखपुर की किरण देवी ने कहा कि अब उन्होंने अपना बहुत समय बचाया और उनका जीवन पहले के मुकाबले काफी आसान हो गया।

औपचारिक शुभारंभ होने के बाद, प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉल के जरिये वर्चुअल माध्यम से 10 महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन वितरित किए।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने पीएम की ओर से महिलाओं को सभी दस्तावेज सौंपे।

महिला लाभार्थियों के साथ बातचीत करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “2014 से पहले, लोगों को किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए हमेशा सरकारी कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ता था।”

उन्होंने कहा कि अब “हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं या संसाधनों का लाभ सभी तक पहुंचे।” 2016 में लॉन्च हुए उज्ज्वला योजना के दौरान बीपीएल परिवारों की करीब 5 करोड़ महिलाओं को एल पी जी का कनेक्शन उपलब्ध कराने के लक्ष्य को रखा गया था।
इसके बाद इस योजना को अप्रैल 2018 में आगे बढ़ाया गया, इसमें सात और श्रेणियों जैसे अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति और कई वनवासियों महिला लाभार्थियों को शामिल किया जा सके और साथ ही लक्ष्य को संशोधित कर आठ करोड़ एलपीजी कनेक्शन तक कर दिया गया। अधिकारियों ने ये कहा कि यख निर्धारित समय से करीब सात महीने पहले अगस्त 2019 में ही हासिल किया गया था। 2021-2022 के केंद्रीय बजट में इस योजना के तहत करीब एक करोड़ और अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन के प्रावधान का घोषणा किआ गया था।
एक जमा-मुक्त एलपीजी कनेक्शन के साथ, उज्ज्वला 2.0 लाभार्थियों को पहली रिफिल और हॉटप्लेट मुफ्त प्रदान करेगी। नामांकन की प्रक्रिया के लिए न्यूनतम कागजी कार्रवाई की आवश्यकता होगी। उज्ज्वला योजना 2.0 में प्रवासियों कोअब राशन कार्ड या किसी प्रमाण पत्र जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी बस एक स्व-घोषणा ही पर्याप्त होगी। उज्ज्वला योजना 2.0 एलपीजी तक सार्वभौमिक पहुंच के साथ ही प्रधान मंत्री के दृष्टिकोण को प्राप्त करने में पूरी मदद करेगी।

इस मौके पर “केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री” हरदीप सिंह पुरी भी मौजूद थे।

अपने संबोधन में पुरी ने कहा कि खाना पकाने के लिए लकड़ी और कोयले के इस्तेमाल से महिलाओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है ,उन्होंने कहा कि भारत में एलपीजी कवरेज 100 प्रतिशत होने के बहुत ही करीब है, उन्होंने दावा किया कि पिछले सात वर्षों में 2014 तक कुल कनेक्शन की तुलना में अधिक कनेक्शन दिए गए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार ने 50 जिलों के करीब 21 लाख घरों में पाइपलाइन से गैस पहुंचाने का भी लक्ष्य रखा है। जैव ईंधन को विकास को गति देने वाला माध्यम बताते हुए उन्होंने कहा कि देश वाहनों को बिजली देने के लिए इसका इस्तेमाल करने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने ऊर्जा के लिए गाय के गोबर का दोहन करते हुए “गोबर धन” को बढ़ावा देने की योजना का भी उल्लेख किया।
एक बार जमा मुक्त एल पी जी कनेक्शन के साथ, उज्ज्वला 2.0 योजना लाभार्थियों को उसकी पहली रिफिल और साथ ही एक हॉटप्लेट मुफ्त में प्रदान करेगी।

मोदी ने किया मेजर ध्यानचंद का भी जिक्र

मोदी ने हॉकी आइकन मेजर ध्यानचंद जी का भी जिक्र किया, जो बुंदेलखंड के ही रहने वाले थे। “आज, मुझे बुंदेलखंड के एक और महान सपूत मेजर ध्यानचंद की याद आ रही है इन वाक्यो के साथ मोदी ने मेजर ध्यानचंद्र जी की बातें की आपको बता दे की अब, देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार का नाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना ​​है कि ओलिंपिक में हमारे युवाओं के अभूतपूर्व प्रदर्शन के बीच खेल रत्न को उनके नाम से जोड़ने से लाखों-करोड़ों युवाओं को प्रेरणा मिलेगी।

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