तालिबान अब चाइना के फंड पर है निर्भर – तालिबान के प्रवक्ता ने कहीं ये बातें

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अफगानिस्तान में आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए तालिबान को मिलेगी चीन की मदद, तालिबान के प्रवक्ता ने इटली के एक अखबार से कहीं यह बातें

अफगानिस्तान की आर्थिक स्थिति वैसे ही उतनी मजबूत नहीं थी उस पर तालिबान का कहर देश को आर्थिक रूप से कमजोर करता रहा अब जब अफगानिस्तान तालिबान के कब्जे में आ गया है और अब तालिबान को अफगानिस्तान में आतंक ओर गोलियों की जगह पहली बार सत्ता सँभालने की जिम्मेदारी का एहसास हो रहा है तो ऐसे में उसे चीन जैसे देश की तरफ देखना पड़ रहा है और अब तालिबान पैसों के लिए चाइना पर पूरी तरह से निर्भर होता दिख रहा है। इटली के एक अखबार को तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने यह बताया है की तालिबान अब चीन की मदद से अफगानिस्तान में आर्थिक सुधार करेगा । अफगानिस्तान की सत्ता तालिबान के हाथ आ जाने के बाद अब तालिबान मुख्य रूप से अफगानिस्तान की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए उस देश पर निर्भर हो रहा है जो देश अपने फायदे के लिए आतंकवादी तक को बचा सकता है, कई देशों को अपने कर्ज की जाल में फसाकर चाइना जिस प्रकार से दुनिया भर में अपनी पकड़ को मजबूत करता जा रहा है, ऐसे में अफगानिस्तान पर उसकी नजर शुरू से ही रही है और मौके की तलाश में रहने वाले चीन को अब एक बेहतरीन मौका नजर आ रहा है वह कैसे भी कर के अफगानिस्तान में भी अपनी पकड़ को मजबूत करना चाहता है तालिबान के अफगानिस्तान कब्जाने से पहले ही यह देखा जा रहा था की चाइना का झुकाव तालिबान की तरफ ज्यादा ही रहा है, अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्ज़ा हो जाने से चीन को काफी फायदा है, और अब तालिबान के प्रवक्ता द्वारा इस बात को कहने के बाद वह अंदाजा सच होता दिखाई दे रहा है।

तालिबान अब चीन की मदद से अफगानिस्तान की आर्थिक वापसी के लिए करेगा संघर्ष

इटली के ‘ला रिपब्लिका’ अखबार द्वारा गुरुवार को प्रकाशित किये गए अखबार में तालिबान के द्वारा कहा गया की “तालिबान अब चीन की मदद से अफगानिस्तान की आर्थिक वापसी के लिए संघर्ष करेगा, हाल ही में अमेरिकी सैनिको के अफगानिस्तान से चले जाने के बाद से ही अफगानिस्तान में अमेरिका जैसे देशों से फंडिंग आना बंद हो गया, और अब तालिबान अफगानिस्तान की आर्थिक स्थिति को देखते हुए इस विषय पर कार्य करने पर विचार कर रहा है। हालाँकि यह बात तालिबान को भी पता है की एक सरकार चलाना देश में गोलियां चलाने से कई ज्यादा मुश्किल का काम है और अब अफगानिस्तान की सत्ता उन लोगों के हाथ में है जिन्होंने गोलियां ही चलाई हैं।

चीन हमारा सबसे महत्वपूर्ण साझेदार- तालिबान

चीन जिस प्रकार से कई देशों को अपने कर्ज के जाल में फसा कर उस देश को बस अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करता आ रहा है और इसका खामियाजा उस देश को और उस देश के नागरिकों को भुगतना पड़ता है, चीन के इस कर्ज के जाल में फसें दो पडोसी देश पकिस्तान और श्री लंका में चीन का दबदबा साफ़ नजर आता है पकिस्तान में तो अब यहाँ तक देखा गया की चीनी नागरिक अब पकिस्तान में बंदूके ले कर चल रहे हैं। ऐसे में अफगानिस्तान की बात करें तो आज के समय मे अफगानिस्तान चीन के लिए व्यापार और उसके विस्तारवाद नीति के लिए एक महत्वपूर्ण देश बन गया है और ऐसे में तालिबान का अफगानिस्तान की सत्ता में आ आना चीन के लिए मानो “सोने पे सुहागा” हो गया है। तालिबान के प्रवक्ता ने कहा की “चीन हमारा सबसे महत्वपूर्ण साझेदार है और यह हमारे लिए एक मौलिक और असाधारण अवसर का प्रतिनिधित्व करता है, क्योंकि यह हमारे देश में निवेश और पुनर्निर्माण के लिए तैयार है, इसके लिए हम चीन का धन्यवाद करते हैं।” साथ ही तालिबान के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि न्यू सिल्क रोड – एक बुनियादी ढांचा पहल जिसके साथ चीन व्यापार मार्ग खोलकर अपने वैश्विक प्रभाव को बढ़ाना चाहता है। साथ ही तालिबान प्रवक्ता ने कहा की “देश में समृद्ध तांबे की खदानें हैं, जिन्हें चीनियों के मदद से फिर से चालू किया जा सकता है और आधुनिकीकरण किया जा सकता है। और इसके अलावा, चीन दुनिया भर के बाजारों के लिए हमारे साथ खड़ा है ।”

मुजाहिद ने अफगानिस्तान में महिलाओं के लिए कहीं यह बातें

मुजाहिद ने यह भी पुष्टि की कि भविष्य में महिलाओं को विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि महिलाएं नर्स के रूप में, पुलिस में या मंत्रालयों में सहायक के रूप में काम करने में सक्षम होंगी, लेकिन इस बात से इंकार किया कि महिला मंत्री होंगी। हालांकि जैसा कि एक कहावत है हाथी के दांत खाने के कुछ और दिखाने के कुछ और ठीक इसी प्रकार से तालिबान का रुख महिलाओ के प्रति रहा है, आपको बता दें की तालिबान के कब्ज़े के बाद से अभी भी अफगानिस्तान में महिलाओ को बाहर काम करने पर तालिबान द्वारा रोक लगाई गई है।

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