देश के नाम अखिलेश यादव का पैगाम, कहां अगले साल चुनाव नही लोकतांत्रिक क्रांति होगी।

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अखिलेश यादव बोले- सरकार को ‘शासक’ नहीं, सेवा करने वाला होना चाहिए, उन्होंने एक नारा भी दिया है कि सब आयें, सबको स्थान और सबको सम्मान, अखिलेश यादव की मानें तो उनकी समाजवादी पार्टी ऐसा ही है।

UP के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पत्र लिखकर सारे देशवासियों के नाम एक संदेश जारी किया है। स्वतंत्रता दिवस के मौक़े पर उन्होंने दो पेज की चिट्ठी लिखी है। UP चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश ने नया नारा भी दिया है, जो की “नई हवा है, नई सपा, बड़ों का हाथ युवा का साथ” है। जहा उत्तर प्रदेश में भाजपा का सबका साथ सबका विकाश का नारा है। उन्होंने बाइस में बाइसिकल के संकल्प के साथ सभी सपा कार्यकर्ताओं को जुट जाने को कहा। उन्होंने लेटर में अपील करते हुए कहा है की, सरकार को ‘शासक’ नहीं, सेवा करने वाला होना चाहिए। देश स्वतंत्रता के तीन चौथाई सदी में प्रवेश कर रहा है, इसीलिए सब न्यू UP बनाने का संकल्प लें और UP को और बेहतर बनाए।

अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए क्या कहा जानिए

अखिलेश यादव ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा है कि आज यूपी में हर तरह के लोग परेशान है। समाज में हर तरफ बस बंटवारे की राजनीती चल रही है जिससे समाज में आपसी भाईचारे को आहत हो रहा है। और वो इसके खिलाफ जीवन भर संघर्ष करते रहेंगे, उन्होंने कहा कि मिलिट्री स्कूल में पढ़ाई के दौरान उन्होंने ये सब सिख है अनुसासन से ही शासन का पाठ मिलता है पर आज की राजनीती के लोग बाटने का काम कर रहे है । अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में बैठी सरकार दमनकारी है, सरकार का काम जनता की देखभाल करने का है सरकार का काम सर्विस प्रोवाइडर का काम है लेकिन इस सरकार ने लोगो का जीना हराम कर रखा है, हर जगह बस नफरत की राजनीती हो रही है।

अखिलेश यादव का नया नारा

अखिलेश यादव ने अपने पत्र में एक नारा भी दिया है ,जिस तरह से भाजपा सबका साथ सबका विकास की बात करती है उसी तरीके से अखिलेश ने भी “सब आए सबको स्थान और सबको सम्मान “का नारा दिया है, अखिलेश की माने तो उनकी पार्टी ऐसी ही है जो सबको स्थान और सबको सम्मान की बात करती है हालांकि भाजपा संघ कई और पार्टियों ने कई बार सपा को परिवारवाद का भी नाम दिया है।
अखिलेश अपने पत्र में आगे लिखते है कि उत्तर प्रदेश की जनता अब बदलाव चाहती है इस दमनकारी सरकार से अब प्रदेश की जनता परेशान हो चुकी है,पब्लिक अब बदलाव के मूड में है। कोरोना के कारण किसान, व्यापारी और सरकारी कर्मचारी सबका एक ही हाल है इनका दुःख दर्द बॉटने के लिए सपा एक नया अभियान शुरु करने जा रही है जिसका मूल मंत्र – मुलाकात, मेल मिलाप और मदद रखा गया है , बता दें कि 2022 की शुरुआत में ही यूपी विधानसभा चुनाव भी होने को है, ऐसे में सभी राजनीतिक दलों ने प्रचार प्रसार तेज़ कर दिया है।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पीएम नरेंद्र मोदी ने भी लाल किले की प्राचीर से “सबका साथ ,सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” ये नारा दिया था तो वही अखिलेश यादव ने भी उनके जवाब में अपना एक नारा दिया है। जिसे वो कहते है कि सपा ऐसी ही है जैसा उनका नारा है । बता दें कि उनका नारा है कि “सब आए, सबको स्थान और सबको स्थान”। यूपी में 2022 शुरुवात में ही विधानसभा चुनाव भी है। ऐसे में सभी दलों के प्रचार प्रसार में ऐसे नारे देखने को हमे पहले भी मिलते आए है,अब देखना है कि जनता किस नेता के नारे को ज्यादा पसंद करती है, हालांकि यूपी चुनाव के अभी इस प्रकार के और स्लोगन्स जनता को देखने को मिलते रहते है।

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