योगी सरकार का “ऑपरेशन लंगड़ा”, अब तक 146 अपराधी मारे गए, और कई को गोली मार लंगड़ा कर दिया गया।

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सूबे की योगी सरकार सत्ता में आते ही चेता दिया था की उत्तर प्रदेश में अपराधियों के लिए कोई जगह नही है। लगातार अपराधियों को पकड़ने के लिए योगी सरकार ने कदम उठाए और भ्रष्ट पुलिसवालों तक को नहीं छोड़ा उनको सस्पेंड व तबादला कर दिया गया।
इसी क्रम में मार्च 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश पुलिस ने 8,472 मुठभेड़ की जिसमे करीब 3,302 अपराधियों को गोली मार के घायल कर दिया गया। और कई अपराधियों को उनके पैर में गोली मार के लंगड़ा कर दिया गया। और वही अब तक 146 बदमाशो की मौत एनकाउंटर में हो चुकी है।

यूपी पुलिस में एडीजी ( लॉ एंड आर्डर ) प्रशांत कुमार बताते है की यूपी पुलिस के एनकाउंटर में इतनी बड़ी संख्या में अपराधियों के घायल होने की बात यह बताती है को यूपी पुलिस का मकसद अपराधियों को मौत के घाट नही उतरना है बल्कि पहला मकसद उन्हे पकड़ना है, उनका कहना है की यूपी पुलिस की उनके प्रति जीरो टॉलरेंस नीति है। अगर किसी अपराधी को पकड़ते समय अगर वो हमपे फायरिंग करता है तो जवाब में हम उसपर गोली चलाते है अगर ऐसा न किया जाए तो, अपराधी के बंदूक से निकली गोली पुलिस के जवान की मौत हो जाए। और इस पूरे प्रक्रिया के दौरान चोट आती है कुछ में घटनाओं में मौत की घटना भी सामने आती है। और सिर्फ अपराधी ही नही इसमें हमारे लोग भी घायल होते है और मारे भी जाते है।

2,839 एनकाउंटर योगी सरकार में हुए।

यूपी पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक पश्चिमी यूपी के मेरठ इलाके में योगी सरकार में 2,839 एनकाउंटर हुए। वहीं 5,288 गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं। मुठभेड़ में 61 अपराधियों की मौत और 1,547 घायलों हो चुके हैं। आगरा में, 1,884 मुठभेड़ों में 4,878 गिरफ्तारियों के साथ ही 18 अपराधियों की मौत हो चुकी है। वहीं 218 लोगों के घायल होने की खबर है। मुठभेड़ के मामले में बरेली तीसरे नंबर पर है। बरेली क्षेत्र है 1,173 मुठभेडों के बाद 2,642 गिरफ्तारियां और सात मौतें हो चुकी हैं, वहीं 299 लोग घायल हुए हैं।

कुख्यात बदमाश विकास दुबे का हुआ इनकाउंटर।

आज से ठीक 2 साल पहले कानपुर के बिकरू गांव में गैंगस्टर 5 लाख इनामी विकास दुबे और उसके गुर्गों ने डीएसपी आई एसओ समेत 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। लेकिन मात्र एक हफ्ते के भीतर पुलिस और एसटीएफ ने मिलकर विकास दुबे समेत छह बदमाशो को एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। कई बड़ी राजनैतिक दलों का विकास दुबे के ऊपर हाथ था। गांव वालो की माने तो बहुजन समाज पार्टी से उसके अच्छे संबंध थे और समाजवादी पार्टी से वो विधानसभा का चुनाव भी लड़ने वाला था।

मुकीम काला गैंग का कुख्यात अपराधियों का एनकाउंटर।

मुकीम काला का गिरोह इतना खतरनाक था कि पुलिस के सामने आते ही गोलियां चलाना सुरु कर देता था। सहारनपुर जिले में ही इस गिरोह ने दो पुलिसकर्मियों की जान ली तो शामली में एक सिपाही की हत्या कर दी थी। इस सभी अपराधियों को योगी सरकार में ख़त्म किआ गया साथ ही साथ कई पर गैंगस्टर एक्ट की तहत मुक़दमे दर्ज हुए तो कई एनकाउंटर में मारे गए।

50 हजार ईनामी बदमाश का एनकाउंटर।

दिल्ली से सटे साहिबाबाद थाना क्षेत्र में यूपी एसटीफ की नोएडा यूनिट की बदमाश से मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में 50,000 रुपये का वांछित अपराधी अफसरुन (निवासी नई मंडी मुजफ्फरनगरनगर) गोली लगने से घायल हुआ है। इस शातिर बदमाश के पास से तुर्की की बनी पिस्टल बरामद हुई है। अफसरुन पर लूटपाट के साथ-साथ अपहरण समेत 30 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं।

मुख्तार गैंग के 2 अपराधियों को प्रयागराज में मार गिराया।

यूपी एसटीएफ ने एक मुडभेड़ में वकील पांडा और अमजद को मार गिराया, वकील पर 50 हजार रुपए का इनाम था। ये दोनो प्रयागराज किसी के हत्या के इरादे से आए थे लेकिन उसी दौरान एसटीएफ के साथ हुए मुडभेड़ में दोनो को ढेर कर दिया गया।

1 लाख इनामी शूटर परवेज को यूपी एसटीएफ ने किया ढेर ।

अंबेडकरनगर जिले के माफिया डॉन मुबारक खान का दायां हाथ था परवेज 1 लाख रुपए का इमामी बदमाश था जिसपर कई संगीन धाराएं लगी थी।

गौतम बौद्ध नगर: 4 अगस्त को पुलिस मुठभेड़ में हत्या के आरोपी सचिन चौहान के पैर में गोली लगी थी। अधिकारियों का कहना है कि चौहान ने बदमाश को पकड़ने वाली नोएडा पुलिस की एक टीम पर उसने गोलियां चलाईं थीं।

बहराइच : 22 जून को पुलिस मुठभेड़ के दौरान बलात्कार के आरोपी परशुराम के पैर में गोली लगी थी। पुलिस ने बताया कि आरोपी के पुलिस हिरासत से भागने के बाद मुठभेड़ हुई और उसके पैर में गोली मार दी गई।

बता दे की ऑपरेशन लंगड़ा आधिकारिक तौर पर नाम नही रखा गया है लेकिन पुलिस के बड़े अधिकारों के द्वारा ये नाम दिया गया है, क्यूंकि ज्यादातर अपराधियों को पैर में गोली मार कर लंगड़ा कर दिया गया है।

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