किसानों को योगी का तोहफा- बढ़ेगा गन्ना समर्थन मूल्य, गन्ना किसानो के लिए CM योगी ने किया ये ऐलान

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उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2022 से पहले जनता और गन्ना किसानो का दिल जीतने के लिए, बुधवार को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है, उत्तर प्रदेश के किसानों के साथ बैठक में योगी आदित्यनाथ ने जल्द ही गन्ना मूल्य बढ़ाने सहित कई और महत्वपूर्ण घोषणाएं कर दीं हैं । योगी आदित्यनाथ ने यह घोषणा भी किया है कि पराली जलाने के मुद्दों को लेकर हुए सभी मुकदमो को जल्द ही वापस लिया जाएगा ।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले देश में चल रहे कृषि कानून विरोध और सभी विरोधी आंदोलन को बेबुनियाद ठहराने को लेकर योगी सरकार ने बहुत ही बड़ा दांव चला है, राज्य की 90 विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा किसान मोर्चा संगठन की टीमों को गांव-गांव जाकर किसानों के मन की बात जान चुकी है और अब योगी सरकार ने किसानों को खुश करने के लिए दिल खोल के बड़े ऐलान कर दिए है। भाजपा किसान मोर्चा संगठन के किसान संवाद कार्यक्रम से रिपोर्ट तैयार की गई और इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अपने आवास पर किसानों के साथ सीधे संवाद कर उनके मन की बात जानी और किसानों को खुश करने के लिए पिटारा खोल दिया है। प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए, योगी सरकार लगभग हर वर्ग के नागरिको को खुश करने के लिए कई बड़े ऐलान कर रही है। विधानसभा चुनाव से पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को जनता और किसानो का दिल जीतने के लिए कई बड़े ऐलान कर दिए हैं, गन्ना किसानों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “उनकी सरकार राज्य में गन्ना खरीद का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने का प्रयास करेगी, गन्ना पेराई के नए सत्र से पहले पिछला सारा भुगतान करा दिया जाएगा” बता दें की पिछले तीन वर्षो से गन्ना की खरीद पर ‘एम एस पी’ का मुद्दा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जोरों पर रहा है।

मुख्यमंत्री योगी ने गन्ना किसानो को लेकर कहीं ये बड़ी बातें

किसानों से संवाद के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है की “हमारी सरकार ने साल 2010 तक गन्ना खरीद के बकाए का भुगतान किया है, इस सीजन के भी 82% बकाए राशि को क्लियर कर दिए गए हैं, अगले सीजन के पहले सभी बकाया क्लियर कर दिया जाएगा लेकिन हम लोग ये भी कोशिश कर रहे हैं कि गन्ना खरीद के दाम में बढ़ोतरी भी की जाए। पहले हमें सभी स्टेकहोल्डर्स से बात करने दीजिए, हमारे किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है और न ही किसी के भ्रम में आने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपके साथ खड़े हैं और उत्तर प्रदेश में आपकी सरकार आपके साथ खड़ी है, हम एक बेहतर निर्णय लेंगे और आपके हित में काम करेंगे।” बता दें की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से किसानों के लिए कई और भी घोषणाएं की गईं हैं , जिसमें कि किसानों के खिलाफ पराली जलाने के लिए दर्ज सारे मामलों को सरकार वापस लेगी, इसी के साथ जल्द ही जुर्माना वापस लेने का फैसला भी किया जाएगा और बिलों के लंबित होने की स्थिति में किसान का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाए इसका एक वादा भी किया गया है।

पिछले तीन सालों से गन्ना समर्थन मूल्य में कोई वृद्धि नहीं हुई है

आपको बता दें की, दरअसल उत्तर प्रदेश में पिछले तीन वर्षों से गन्ना समर्थन मूल्य में कोई वृद्धि नहीं हुई है, आखिरी बार 2017 में प्रति क्विंटल पर 10 रुपए की वृद्धि की गई थी तब से लेकर अब तक गन्ना समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल के हिसाब से 315 रुपए ही बना हुआ है, पश्चिम उत्तर प्रदेश के किसान समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग काफी समय से करते रहे हैं और साथ ही ये एक बड़ा चुनावी वादा भी है जो की आने वाले विधानसभा के चुनाव को ध्यान में रखते हुए भी लिया गया है। देश में जहाँ नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर किसान नेताओं द्वारा लगातार प्रदर्शन किया जा रहा है तो वहीं साथ ही पंजाब में भी ऐसी ही मांग हुई थी जिसके चलते मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने समर्थन मूल्य को बढ़ा दिया है।

योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने अपने संवाद के दौरान ने यह भी कहा कि “समाजवादी पार्टी की सरकार ने 2016-17 में 6 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद की थी, जबकि हमारी सरकार ने इस साल कोरोना महामारी के बावजूद भी 56 लाख मीट्रिक टन की खरीद की है, योगी ने कहा कि सपा सरकार में एक साल में अधिकतम 16 मीट्रिक टन धान खरीद हुई थी जबकि हमारी सरकार ने इस साल 66 लाख टन धान की खरीद की है।”

किसान हित में किये गए सभी कार्यों को किसानो को बताया

योगी ने नई घोषणाओं के साथ ही राज्य में अब तक किसान हित में किए गए काम को भी किसानों को बताया । “चीनी का कटोरा कहे जाने वाले पूर्वांचल और गन्ना बेल्ट के पश्चिमी यूपी” की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि “2017 से पहले की सरकारों ने बदनीयती से चीनी मिलों को बंद किया। 2017 में भाजपा की सरकार बनने के बाद चौधरी चरण सिंह की भूमि रमाला हो या पिपराइच और मुंडेरवा, कहीं नई चीनी मिलें लगीं तो कहीं पुराने का जीर्णोद्धार कराकर फिर चलाया गया। कहीं क्षमता बढ़ोतरी हुई तो कहीं आधुनिकतम तकनीक से लैस मशीनें लगाई गईं।” किसानों के साथ आकंड़े साझा करते हुए योगी ने बताया कि “वर्ष 2007 से 2016 तक मात्र 95 हजार करोड़ रुपये के गन्ना मूल्य का भुगतान हुआ था। 2010 के बाद से 96 माह तक सब बकाया था। बीते साढ़े चार वर्षों में 1.42 लाख करोड़ का भुगतान हुआ है। आज मात्र चार माह का बकाया है। वर्तमान सत्र के 82 फीसद मूल्य का भुगतान कर दिया गया है” इन सभी विषयो पर योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के किसानो से सीधे संवाद किया।

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