केंद्र सरकार ने नए सीडीएस की नियुक्ति कर दी है । सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल ( रिटायर्ड ) अनिल चौहान को अगले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ( सीडीएस ) के रूप में नियुक्त किया है । वह भारत सरकार के सैन्य मामलों के विभाग के सचिव के रूप में भी कार्य करेंगे । रक्षा मंत्रालय ने ये जानकारी दी है । ले. जनरल ( रिटायर्ड ) अनिल चौहान की गोरखा राइफल से सेना में एंट्री हुई थी । वह पीओके में बालाकोट स्ट्राइक की प्लानिंग में भी शामिल थे और पिछले साल ही रिटायर हुए है ।

सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान (सेवानिवृत्त) को नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) नियुक्त किया । वह पिछले साल मई में पूर्वी सेना कमांडर के रूप में सेवानिवृत्त हुए थे और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सैन्य सलाहकार के रूप में कार्यरत थे । यह पहला मौका है जब किसी सेवानिवृत्त अधिकारी को इस पद पर नियुक्त किया गया है जिसके लिए नियुक्ति के लिए नियमों में बदलाव की घोषणा के लिए गजट अधिसूचना जारी की गई थी । लगभग 40 वर्षों से अधिक के करियर में, लेफ्टिनेंट जनरल चौहान ने कई कमांड, स्टाफ और सहायक नियुक्तियां की हैं और उन्हें जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत में आतंकवाद विरोधी अभियानों का व्यापक अनुभव है ।

बिपिन रावत के लीडरशिप में हुई थी सर्जिकल स्ट्राइक! 

बिपिन रावत का जन्म 16 मार्च, 1958 को उत्तराखंड के पौड़ी में एक गढ़वाली राजपूत परिवार में हुआ था । बिपिन रावत ने 1978 में आर्मी ज्वॉइन की थी । उन्होंने साल 2011 में चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से मिलिट्री मीडिया स्टडीज में पीएचडी की डिग्री हासिल की ।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) बिपिन रावत को आर्मी में ऊंचाई पर जंग लड़ने और काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशन यानी जवाबी कार्रवाई के एक्सपर्ट के तौर पर जाना जाता है । साल 2016 में उरी में सेना के कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद तत्कालीन आर्मी चीफ रावत के नेतृत्‍व में 29 सितंबर 2016 को पाकिस्‍तान में बसे आतंकी शिविरों को ध्‍वस्‍त करने के लिए सर्जिकल स्‍ट्राइक की गई थी । बिपिन रावत ने इस मिशन को ट्रेंड पैरा कमांडोज के माध्यम से अंजाम दिया था ।

उरी में सेना के कैंप पर हुए हमले में कई जवानों के शहीद होने के बाद सेना ने पलटवार करते हुए सर्जिकल स्ट्राइक की थी । बिपिन रावत ने आर्मी सर्विस के दौरान एलओसी, चीन बॉर्डर और नॉर्थ-ईस्ट में एक लंबा वक्त गुजारा था  । बिपिन रावत को इंडियन मिलिट्री एकेडमी में “सोर्ड ऑफ ऑनर ” से नवाजा जा चुका है । रावत ने चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष के साथ-साथ भारतीय सेना के 27 वें सेनाध्यक्ष के रूप में भी सेवाएं दी ।

पूर्व सीडीएस जनरल बिपिन रावत की एक हवाई हादसे में हुई थी मौत

पूर्व सीडीएस जनरल बिपिन रावत के हवाई दुर्घटना में निधन के बाद नए सीडीएस की नियुक्ति पर मंथन हो रहा था । इस पर केंद्र ने इस पर मुहर लगा दी । नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति के लिए केंद्र सरकार सेवारत और सेवानिवृत्त, दोनों तरह के सैन्य अधिकारियों के नाम पर विचार कर रही थी । यह पद पिछले साल आठ दिसंबर को देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत की एक हवाई हादसे में मौत हो जाने के बाद से खाली था ।

बता दें कि बिपिन रावत ने 01 सितंबर 2016 को आर्मी के वाइस चीफ का पद संभाला था । उन्हें 31 दिसंबर 2016 को इंडियन आर्मी के 26 वें चीफ की जिम्मेदारी मिली । अशांत इलाकों में काम करने के अनुभव को देखते हुए सरकार ने उन्हें दो वरिष्ठ अफसरों पर तरजीह देते हुए सेना प्रमुख बनाया था ।

अनिल चौहान  साल 1981 में भारतीय सेना की 11 गोरखा राइफल्स में भर्ती हुए थे

लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) अनिल चौहान 1981 में भारतीय सेना की 11 गोरखा राइफल्स में भर्ती हुए थे । वह नेशनल डिफेंस अकेडमी, खड़कवासला और इंडियन मिलिट्री अकेडमी, देहरादून के पूर्व छात्र है । मेजर जनरल के रैंक के अधिकारी चौहान ने उत्तरी कमान में महत्वपूर्ण बारामुला सेक्टर में एक इन्फैंट्री डिवीजन की कमान संभाली थी । बाद में लेफ्टिनेंट जनरल के रूप में उन्होंने उत्तर पूर्व में एक कोर की कमान संभाली । इसके बाद वह सितंबर 2019 से पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ बने और 31 मई 2021 को रिटायर हुए ।

अनिल चौहान

लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) अनिल चौहान ने डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशन का प्रभार भी संभाला है । इससे पहले, अधिकारी ने अंगोला में संयुक्त राष्ट्र मिशन के रूप में भी काम किया था । सेना से रिटायर होने के बाद भी उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक मामलों में योगदान देना जारी रखा । सेना में विशिष्ट और शानदार सेवा के लिए लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान को परम विशिष्ट सेवा पदक, उत्तम युद्ध सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक, सेना पदक और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया है ।

बता दें कि साल 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में भाजपा की फिर से सरकार बनने के छह महीने के अंदर नए सीडीएस की नियुक्ति के फैसले को देश के सर्वोच्च सैन्य ढांचे में सबसे बड़ा सुधार बताया गया था । देश की तीनों सेनाओं में समन्वय के लिए पहले सीडीएस के तौर पर जनरल रावत को नियुक्त किया गया था ।

सीडीएस की नियुक्ति सैन्य मामलों के विभाग के सचिव के तौर पर होती है, जो वर्तमान में अतिरिक्त सचिव रैंक के तहत काम करता है । सीडीएस एकीकृत डिफेंस स्टाफ का अध्यक्ष भी होता है । सरकार ने सीडीएस को रक्षा कार्यक्रमों में मेक इन इंडिया का प्रभारी भी बनाया है ।

 

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