यूपी में योगी आदित्यनाथ की सरकार अब अपने मंत्रियों और विधायकों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेगी । सूत्रों की मानें तो यूपी सरकार के मंत्रियों और विधायकों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू कर दी जाएगी, क्योंकि राजनीतिक कसमकस के चलते दर्ज मुकदमों की स्क्रीनिंग का काम अंतिम दौर में है । हालांकि उत्तर प्रदेश सरकार में ऐसे कई मंत्री है‌ , जिनके ऊपर इस तरह के केस दर्ज है ।

यूपी सरकार योगी आदित्यनाथ

बता दें कि साल 2017 में सरकार बनते ही उत्तर प्रदेश सरकार ने योगी आदित्यनाथ  के खिलाफ चल रहे निषेधाज्ञा उल्लंघन के एक मामले को वापस ले लिया था । उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध पर रोकथाम के लिए योगी सरकार ने 21 दिसंबर 2017 को यूपीकोका कानून का बिल विधानसभा में पेश किया था । इस बिल के पेश होने के बीच ही यूपी सरकार ने योगी आदित्यनाथ ए केंद्रीय मंत्रीए शिव प्रताप शुक्लए विधायक शीतल पांडेय और 10 अन्य के खिलाफ 1995 के एक निषेधाज्ञा उल्लंघन मामले में धारा 188 में लगे केस को वापस लेने का आदेश जारी कर किया था ।

यूपी सरकार का फैसला

यूपी सरकार के सूत्रों के मुताबिक कहा जा रहा है कि अभी इसे लेकर स्क्रीनिंग का काम जारी है‌ । स्क्रीनिंग की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद यूपी सरकार अपने मंत्रियों और विधायकों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों को वापस ले लेगी । हालांकि, इसे लेकर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है । इसी बीच यूपी सरकार के इस कदम की आलोचना भी होने लगी है‌ । समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने सरकार के इस फैसले को गलत और असंवैधानिक करार दिया है ।

यूपी सरकार

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अनुराग भदौरिया ने कहा कि बीजेपी अपने अपराधी प्रवृत्ति वाले मंत्री और विधायकों को बचाने में जुटी है । उन्होंने नोएडा के श्रीकांत त्यागी का भी हवाला दे दिया और कहा कि ग्रैंड ओमैक्स सोसाइटी में जो कुछ हुआ इसी का नतीजा है‌ । वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने भी समाजवादी पार्टी के सुर से सुर मिलाते हुए कहा कि यह संविधान के खिलाफ है । सरकार कैसे मुक़दमे वापस ले सकती है‌ । यह न्यायपालिका का मामला है । कोई अपराधी है या नहीं, फैसला न्यायपालिका करेगी ।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला

साल 2017 में उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ 22 साल पुराना मुकदमा वापस लिया था । यह मुकदमा 27 मई, 1995 को गोरखपुर के पीपीगंज थाने में यूपी के मौजूदा सीएम योगी आदित्यनाथ, मौजूदा केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिवप्रताप शुक्ल समेत 13 लोगों पर आईपीसी की धारा 188 के तहत दर्ज हुआ था । बता दें कि अब योगी सरकार ने एक कानून बनाया है, जिसके तहत 20,000 राजनीतिक मुकदमे वापस लिए जाएंगे ।

 

योगी आदित्यनाथ से जुड़ी दिलचस्प बातें-

 

  • 5 जून साल 1972 को जन्मे योगी आदिनाथ एक भारतीय हिंदू भिक्षु और राजनीतिज्ञ है ।
  • योगी आदित्यनाथ 19 मार्च 2017 से उत्तर प्रदेश के 22वें और वर्तमान मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत है‌ ।
  • साल 2017 के राज्य विधानसभा चुनाव जीतने के बाद उन्हें 26 मार्च 2017 को मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्त किया गया था, जिसमें वे एक प्रमुख प्रचारक थे ।

यूपी सरकार ( योगी आदित्यनाथ)

  • योगी आदित्यनाथ का असली नाम अजय सिंह बिष्ट है ।
  • योगी जी के पिताजी का नाम आनंद सिंह बिष्ट है जो एक फॉरेस्ट रेंजर थे, और साथ में गोरखनाथ मंदिर के महंत भी थे । फॉरेस्ट रेंजर से रिटाइर होने के बाद ट्रांसपोर्ट संचालन का काम करने लगे थे, इनकी माता जी का नाम सावित्री देवी है, योगी आदित्यनाथ जी के 4 भाई और 3 बहने है ।
  • योगी आदित्यनाथ साल 1998 से लगातार पांच बार गोरखपुर निर्वाचन क्षेत्र, उत्तर प्रदेश से सांसद रहे है ।
  • योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में एक हिंदू मंदिर, गोरखनाथ मठ के महंत या मुख्य पुजारी भी है । वह सितंबर 2014 में अपने आध्यात्मिक ” पिता “, महंत अवैद्यनाथ की मृत्यु के बाद से इस पद पर है ।
  • आदित्यनाथ 26 साल की उम्र में 12वीं लोकसभा के सबसे कम उम्र के सदस्य थे । वह गोरखपुर से लगातार पांच बार ( साल 1998, 1999, 2004, 2009 और 2014 के चुनावों में) संसद के लिए चुने गए थे ।

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  • 22 साल की उम्र में योगी आदित्यनाथ ने अपना पारिवारिक जीवन छोड़ दिया और साधु बन गए । एक ही स्थान पर भगवान की पूजा करने के बजाय, उन्होंने पूरे क्षेत्र में जाकर जागरूकता फैलाने का फैसला किया ।
  • योगी आदित्यनाथ योग और अध्यात्म उनके दो शौक है । वह गोरक्षा अभियान के हिमायती है । वह राष्ट्र रक्षा अभियान की भी देखरेख करते है , जो सामाजिक और राष्ट्रीय सुरक्षा, बागवानी, धार्मिक प्रवचनों, भजनों और धार्मिक स्थलों के भ्रमण पर केंद्रित है ।
  • वह एक मेहनती कार्यकर्ता है जो अपने काम के प्रति एक ठोस प्रतिबद्धता रखता है।

योगी आदित्यनाथ गोरखपुर ( यूपी सरकार)

  • योगी आदित्यनाथ के पिता की मौत की खबर मिलने के बाद भी उन्होंने कोविड-19 पर कोर ग्रुप के अधिकारियों के साथ बैठक जारी रखी और करीब 45 मिनट में इसे खत्म करने के बाद वे उठ खड़े हुए ।
  • योगी मुख्य रूप से महंत अवैद्यनाथ से प्रभावित थे । योगी आदित्यनाथ ने महंत अवैद्यनाथ के उपदेशों का पालन किया था ।
  • योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कई आपराधिक आरोप लगाए गए है । इन मामलों में दंगा भड़काने, जान से मारने की कोशिश, खतरनाक हथियार रखने, अवैध रूप से जमा होने आदि के आरोप है । इसके अलावा, वह अन्य बीमारियों से संक्रमित थे ।
  • साल 2007 में गोरखपुर में दंगे भड़कने के बाद योगी को मुख्य संदिग्ध के रूप में हिरासत में लिया गया था । हालाँकि, इसके बाद बहुत भ्रम हुआ और परिणामस्वरूप योगी के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज किए गए। दूसरी ओर, इन लड़ाइयों के बाद योगी की ताकत लगातार बढ़ती गई ।

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  • लव जिहाद के खिलाफ योगी जी ने कानून बनवाया और पहचान छुपाकर महिलाओं के साथ धोखे से शादी करने वालों के खिलाफ योगी ने कड़ा कानून बनाया।
  • राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण में अहम भूमिका, करीब 500 सालों के बाद देश दुनिया में हिंदूओं के श्री पूरूशोत्तम राम के मंदिर का शिलान्यास प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के हाथों से करवाया योगी आदित्यनाथ ने किया।
  • योगी आदित्यनाथ जी पर 7 सितम्बर साल 2008 को आजमगढ़ में जानलेवा हिंसक हमला हुआ, जिसमे इनका जान जाते जाते बचा। इस हमले में योगी जी बाल-बाल बच गए, यह हमला इतना भयानक और इतनी तादाद में लोग थे कि सौ से भी अधिक गाड़ियों को हिंसक हमलावरों ने घेर लिया और लोगों को लहूलुहान कर दिया।

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