गुजरात इलेक्शन

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए सिंगल फेज में 12 नवंबर को वोट डाले जाएंगे । नतीजे 8 दिसंबर को घोषित होंगे । चुनाव आयोग ने शुक्रवार को चुनाव की तारीखों का ऐलान किया । हिमाचल विधानसभा का कार्यकाल 8 जनवरी 2023 को खत्म हो रहा है ।

चुनाव आयोग ने हिमाचल प्रदेश के चुनावी तिथियों का एलान कर दिया है । एक चरण में होने वाले चुनाव के लिए 17 अक्तूबर को अधिसूचना जारी होगी और 12 नवंबर को वोटिंग होगी । मतगणना 08 दिसंबर को होगी। आयोग ने अभी गुजरात चुनाव के लिए एलान नहीं किया है । बताया जा रहा है कि दिपावली के बाद गुजरात चुनाव की तिथियों की घोषणा होगी । हिमाचल में मतदान और वोटों की गिनती के बीच 26 दिन का अंतर है ।

चुनाव आयोग ने कहा- इस मामले में कई तथ्यों पर विचार किया गया । इनमें तारीखों का ऐलान, तारीखों के बीच अंतर और मौसम शामिल है । इस मामले में चुनाव आयोग ने 2017 का पैटर्न ही फॉलो किया, जब गुजरात और हिमाचल के चुनाव अलग-अलग तारीखों में कराए गए थे ।

गुजरात-हिमाचल चुनाव

साल 2017 में भी हिमाचल में विधानसभा चुनाव की घोषणा 13 अक्टूबर को की गई थी । जबकि, ठीक 12 वें दिन गुजरात विधानसभा चुनाव का ऐलान किया गया था । तब हिमाचल में एक ही दिन 9 नवंबर को 68 सीटों पर वोटिंग करवाई गई थी । जबकि, गुजरात में दो फेज में 9 और 14 दिसंबर को पोलिंग हुई थी। दोनों राज्यों में एक ही दिन 18 दिसंबर को रिजल्ट की घोषणा की गई थी ।

वही पिछली बार हिमाचल प्रदेश में वोटिंग और काउंटिंग के बीच 70 दिन का गैप था, जबकि 2012 में यह गैप 81 दिन का था। चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, इस लंबे दिनों के अंतर से आदर्श आचार संहिता (मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट) लागू होने की अवधि बढ़ गई। हम नहीं चाहते कि पूरी चुनाव प्रक्रिया बहुत लंबी अवधि तक जारी रहे ।

इस बार गुजरात और हिमाचल प्रदेश का कार्यकाल समाप्त होने में 40 दिनों का अंतर है । 14वीं गुजरात विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 18 फरवरी को समाप्त होगा, जबकि 13वीं हिमाचल प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 8 जनवरी, 2023 को समाप्त होगा । गुजरात में मतदान की तारीखों की घोषणा आने वाले हफ्तों में होने की उम्मीद है ।

गुजरात में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं करने पर कांग्रेस पार्टी ने इलेक्शन कमीशन पर हमला बोला है । कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर लिखा- जाहिर है, यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कुछ बड़े वादे करने और नई योजनाओं के लोकापर्ण के लिए अधिक समय देने के लिए किया गया है । इसमें कुछ भी आश्चर्यजनक नहीं है ।

 

हिमाचल विधानसभा का कार्यकाल 8 जनवरी को खत्म हो रहा है । हिमाचल प्रदेश में विधानसभा की कुल 68 सीटें है । इनमें 20 सीटें आरक्षित है । 17 सीटें अनुसूचित जाति (SC) के लिए और 3 सीटें अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए रिजर्व है । 2017 में भाजपा ने पूर्ण बहुमत से जीत दर्ज कर सरकार बनाई थी। चुनाव में भाजपा 44, तो कांग्रेस को 21 सीटों पर जीत मिली थी । एक सीट पर CPI(M) और दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते थे ।

 

भाजपा से वर्तमान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सबसे बड़े दावेदार है । अगर साल 2017 की तरह कोई बड़ा उलटफेर होता है तो केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर भी CM का चेहरा बन सकते है । कांग्रेस की ओर से मुकेश अग्निहोत्री, कौल सिंह ठाकुर, सुखविंद्र सिंह सुक्खू, रामलाल ठाकुर, आशा कुमारी दावेदारों की सूची में शामिल है ।

सत्ता में रहते हुए कांग्रेस तत्कालीन सीएम वीरभद्र सिंह के नाम पर चुनावी मैदान में उतरी । पार्टी को हार का सामना करना पड़ा । साल 2021 में वीरभद्र सिंह का निधन हो गया । इस बार कांग्रेस में दावेदार कई हैं, लेकिन किसी एक नाम पर सहमति नही । बात भाजपा की करें तो पार्टी 2017 के चुनाव में पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल के नाम पर चुनाव मैदान में उतरी थी ।

भाजपा हाईकमान ने धूमल को हमीरपुर के बजाय सुजानपुर से टिकट दिया और वहां से धूमल चुनाव हार गए थे । इसके बाद भाजपा हाईकमान ने जयराम ठाकुर को सीएम बनाया ।

हिमाचल में इस बार 4 मुद्दे चुनाव को प्रभावित कर सकते है । इनमें कर्मचारियों की समस्या, महंगाई, बेरोजगारी और पुलिस पेपर लीक मामला शामिल है । इसके अलावा सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबैंसी का भी असर हो सकता है । पिछले साल 3 सीटों के लिए हुए उपचुनाव में भाजपा को सभी सीटों पर हार मिली थी ।

हिमाचल में दोबारा सरकार बनाने के लिए भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोर्चा संभाल लिया है । प्रधानमंत्री पिछले 17 दिनों में अब तक 4 रैलियां कर चुके है । इधर, मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भी तैयारियां शुरू कर दी है । पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने शुक्रवार को शिमला के सोलन में रैली भी की । आगे भी वे रैलियां करेंगी ।

चुनाव आयोग ने आज हिमाचल प्रदेश की चुनावी तिथियों का एलान कर दिया । एक चरण में होने वाले चुनाव के लिए 17 अक्तूबर को अधिसूचना जारी होगी और 12 नवंबर को वोटिंग होगी । मतगणना 08 दिसंबर को होगी। आयोग ने अभी गुजरात चुनाव के लिए एलान नहीं किया है । बताया जा रहा है कि दिपावली के बाद गुजरात चुनाव की तिथियों की घोषणा होगी । हिमाचल में मतदान और वोटों की गिनती के बीच 26 दिन का अंतर है ।

पिछली बार यानी 2017 में भी चुनाव आयोग ने पहले हिमाचल प्रदेश की तिथियों का एलान किया था । हिमाचल प्रदेश में चुनाव तारीखों का एलान 12 अक्तूबर को हुआ था । 13 दिन बाद 25 अक्तूबर को गुजरात चुनाव की तारीखों का एलान हुआ था । दोनों राज्यों में अलग-अलग तारीख पर चुनाव तारीखों का एलान करने पर विपक्ष ने सवाल उठाए थे । तब विपक्ष ने कहा था कि सरकारी पैसों पर रैली कराने के लिए ऐसा किया जा रहा है । विपक्ष ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया था कि आयोग ने भाजपा सरकार के दबाव में गुजरात में चुनाव तारीखों के एलान में देरी की ।

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