कांग्रेस में राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव राजस्थान में सबसे बड़ा चर्चा का मुद्‌दा बना हुआ है । इसमें राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाम भी एक मजबूत चेहरे के रूप में सामने आ रहा है । खुद उन्होंने विधायक दल की बैठक में इस बात के संकेत दिए है ।

जहां राहुल गांधी अध्यक्ष पद के लिए साफ तौर पर मना कर चुके है । वहीं, दूसरी ओर अशोक गहलोत से जितनी बार ये सवाल पूछा गया, उन्होंने हर बार पॉलिटिकली करेक्ट जवाब ही दिए, लेकिन अब वे कहने लगे है कि ” जहां मेरी जरूरत होगी, मैं पीछे नहीं हटूंगा । ”

कांग्रेस शासित सबसे बड़ा और अहम राज्य होने के चलते राजस्थान पार्टी के लिए महत्वपूर्ण रहा है । वहीं अब अशोक गहलोत का नाम आने से राजस्थान कांग्रेस और देश की राजनीति में एक बार फिर चर्चा में आ गया है । अध्यक्ष पद के नामांकन के लिए अंतिम तारीख 30 सितंबर है ।

 

कांग्रेस के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के लिए अशोक गहलोत ने राजस्थान के सीएम पद को छोड़ने के दिए संकेत

 

कांग्रेस के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के लिए अशोक गहलोत ने राजस्थान के सीएम पद को छोड़ने के संकेत दे दिए है । अब वह अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के लिए 24 सितंबर को नामांकन करेंगे । इसी के साथ अब सीएम फेस को लेकर भी चर्चा तेज हो गई हैं ।

सूत्रों के मुताबिक 27 सितंबर को राजस्थान से कांग्रेस विधायक दिल्ली जा सकते है, जहां वह मुख्यमंत्री पद को लेकर नेतृत्व के सामने अपनी राय रखेंगे । वैसे पिछले कुछ महीनों से राजस्थान में पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट को सीएम बनाने की मांग ने जोर पकड़ रखा है । हालांकि बुधवार को सोनिया गांधी से मुलाकात के दौरान अशोक गहलोत ने सीएम पद के लिए किसी और नेता के नाम का सुझाव दिया है ।

 

“एक व्यक्ति, एक पद” के नियम के सवाल पर अभी तक अशोक गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष के साथ मुख्यमंत्री पद बने रहने के संकेत दे रहे थे । उन्होंने इस सवाल मीडिया से कहा था कि यह ओपन चुनाव है, इसे कोई भी लड़ सकता है । यह नियम नॉमिनेटेड पदों के लिए है एक शख्स मंत्री रह सकता है और वह कांग्रेस अध्यक्ष भी चुना जा सकता है । मैं तीन पोस्ट भी मैनेज कर सकता हूं‌ । लेकिन आज राहुल गांधी का एक बयान सामने आने के बाद उनके सुर बदल गए ‌।

गहलोत और पायलट का राजनीतिक सफर 

बता दें कि गहलोत पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा के अलावा उनके पुत्र राजीव गांधी और बाद में नरसिम्‍हा राव कैबिनेट में मंत्री रह चुके हैं । गहलोत की राजनीति पर पकड़ इतनी मजबूत है कि बड़े-बड़े दिग्गज नेताओं से उनके बेहद दोस्ताना संबंध रहे हैं और है । यह उनकी राजनीतिक समझ और पकड़ का ही कमाल है कि वर्तमान में देश में कांग्रेस पार्टी केवल राजस्थान में ही अपनी सरकार को सबसे सुरक्षित मानकर चलती है । गहलोत वर्तमान में कांग्रेस पार्टी के सबसे बड़े संकटमोचक माने जाते है । यही कारण है कि पिछले दिनों देश में जहां-जहां भी कांग्रेस पार्टी की राज्य सरकारों पर संकट आया तो गहलोत ही पार्टी के संकटमोचक बने ।

वहीं सचिन पायलट ‌ ने अपने राजनीतिक सफर के बारे में कहा था, “जब मेरे पिता ज़िंदा थे तो मैंने कभी उनके साथ बैठकर अपने राजनीतिक सफ़र को लेकर कोई बात नहीं की । लेकिन जब उनकी मौत हो गई तो ज़िंदगी एकदम बदल गई‌ । इसके बाद मैंने सोच-समझकर राजनीति में आने का फ़ैसला किया. किसी ने भी राजनीति को मेरे ऊपर थोपा नही । मैंने अपनी पढ़ाई से जो कुछ भी सीखा था, मैं उसकी बदौलत सिस्टम में एक बदलाव लाना चाहता था ।”

केरल में राहुल गांधी ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ” वन मैन वन पोस्ट ” का समर्थन करते हुए कहा कि हमने उदयपुर में जो वादा किया है । मुझे उम्मीद है कि इसे बनाए रखा जाएगा । उन्होंने कहा कि कांग्रेस का अध्यक्ष पद वैचारिक पद है । भारत का दृष्टिकोण सामने लाता है । उन्होंने आगे कहा कि अध्यक्ष पद पर मेरी स्थिति स्पष्ट है

” एक व्यक्ति, एक पद ” पर राहुल गांधी के बयान पर भी गहलोत से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि राहुल ने बिल्कुल ठीक कहा है । अगर कोई कांग्रेस अध्यक्ष बनता है तो वह राज्य के सीएम के रूप में किस प्रकार काम कर पाएगा, यह कभी हुआ नहीं है ।

कांग्रेस गहलोत और पायलट

गहलोत द्वारा सीएम पद छोड़ने के बाद क्या सचिन पायलट कुर्सी संभालेंगे ? इस पर गहलोत ने कहा कि यह मैं कैसे कह सकता हूं कि कौन सीएम बनेगा । इस पर मैं कुछ भी नहीं जा सकता हूं । मुख्यमंत्री तो विधायक चुनते है ।

कांग्रेस गहलोत और पायलट

राजस्थान में एक बार फिर से पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने की मांग तेजी से उठ रही है । पिछले दिनों पायलट समर्थक विधायक वेदप्रकाश सोलंकी और इंद्राज गुर्जर ने उन्हें सीएम बनाने की खुलकर पैरवी की । इससे पहले बसेडर से कांग्रेस विधायक खिलाड़ी लाल बैरवा ने सचिन पायलट को सीएम बनाने की मांग करते हुए कहा था कि सीएम अशोक गहलोत को यह समझना चाहिए कि उन्हें पार्टी ने बहुत कुछ दिया है । अब युवाओं को मौका दिया जाए‌ ।

 

कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए 22 सितंबर को अधिसूचना होगी जारी 

कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए 22 सितंबर को अधिसूचना जारी हो गई । नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 24 से 30 सितंबर तक चलेगी । नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 8 अक्टूबर है । एक से ज्यादा उम्मीदवार होने पर चुनाव 17 अक्टूबर को होगा और नतीजे 19 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे ।

बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए 22 सितंबर को अधिसूचना जारी हो गई । नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 24 से 30 सितंबर तक चलेगी । नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 8 अक्टूबर है । एक से ज्यादा उम्मीदवार होने पर चुनाव 17 अक्टूबर को होगा और नतीजे 19 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे ।

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