सीएम नीतीश कुमार की नाराजगी के बाद बिहार के कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है । उन्होंने रविवार को डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को अपना इस्तीफा सौंपा । उन्होंने कहा था मेरे विभाग में चोर हैं और मैं उन चोरों का सरदार । अपने बयानों को लेकर वो लगातार विवादों में चल रहे थे ।

सुधाकर सिंह एक अक्टूबर 2022 को भी नीतीश सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया था । उन्होंने प्रदेश की पिछली राजग सरकार पर निशाना साधा था । सुधाकर ने कहा था कि वो तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक कृषि विभाग उत्पाद विपणन समिति (एपीएमसी) अधिनियम और मंडी प्रणाली को बहाल नहीं किया जाता है । बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने 2006 में एपीएमसी अधिनियम और मंडी व्यवस्था को समाप्त कर दिया था, जब वह राजग में थे । उन्होंने कहा था कि राज्य के कृषि मंत्री होने के नाते, मैं राज्य में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद भी कृषि विभाग में भाजपा के एजेंडे को जारी नहीं रहने दूंगा । साल 2006 में एपीएमसी अधिनियम और मंडी को समाप्त करना एक ऐसा निर्णय था, जो किसान विरोधी था । उन्होंने कहा कि राज्य में महागठबंधन सरकार को हमारे गठबंधन मतदाताओं से किए गए वादों को पूरा करने के लिए काम करना चाहिए । मैं तब तक चैन से नहीं बैठूंगा जब तक राज्य में एपीएमसी अधिनियम और मंडी प्रणाली बहाल नहीं हो जाती ।

सुधाकर और नीतीश

12 सितंबर को सुधाकर सिंह ने कैमूर की सभा में खुले मंच से कहा था कि हमारे विभाग का कोई ऐसा अंग नहीं है, जो चोरी नहीं करता है । इस तरह से हम चोरों के सरदार हुए । उन्होंने कहा कि आप पुतला फूंकते रहिए । ऐसा करिएगा तो हमको याद रहेगा कि किसान मुझसे नाराज है । अगर आप लोग ऐसा नहीं करेंगे तो लगेगा कि सब ठीक चल रहा है । आगे उन्होंने कहा कि अगर कैबिनेट में मैं अकेला बोलता तो लगता कि इनकी अपनी समस्या है । अगर हर कोई बोलेगा तो हमारे ऊपर जो बैठे लोग हैं, वो भी सुनेंगे । कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने बिना नाम लिए अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान पर भी हमला बोला । उन्होंने कहा कि इससे पहले भी सरकार में यहां से मंत्री रह चुके थे, बावजूद उसके यहां के लोगों कि स्थिति नहीं बदली। उन्होंने कहा कि यहां कि स्थिति नहीं बदली तो मुझे मंत्री बनाया गया । अब कैमूर से दो-दो मंत्री हैं, इसके बाद भी स्थिति नहीं बदलती है तो मेरे मंत्री बनने से क्या फायदा ? जिले के अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि यहां पर सारे भ्रष्ट अधिकारी भरे पड़े हैं ।

बता दें कि सुधाकर सिंह ने नीतीश सरकार के कृषि रोडमैप पर भी सवाल उठाया था । उन्होंने कहा कि कृषि रोड मैप में काफी गड़बड़ियां है । इसकी वजह से विभाग के अधिकारी किसानों की हमारी कर रहे है । जनता को उन्होंने अपना मोबाइल नंबर भी दिया और यह कहा कि आप लोग धरना प्रदर्शन करते रहें ताकि यह लगे कि कृषि विभाग में गड़बड़ी बरकरार है । वरना, यह लगेगा कि सब कुछ ठीक हो गया है । उन्होंने अपने विभाग में भारी घुसखोरी का आरोप लगाया था ।

सीएम नीतीश ने पूछा तो उठकर चले गए थे सुधाकर

कैबिनेट की बैठक में जब सीएम नीतीश कुमार ने सुधाकर सिंह से उनके बयान पर सफाई मांगी तो बिना कुछ बोले उठकर चले गए । इस बात की जानकारी नीतीश कुमार ने खुद पत्रकारों को दी, साथ ही कहा कि इसके बारे में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी को बता दिया गया है, वो उनसे बात करेंगे । इसके बाद भी सुधाकर सिंह के तेवर में नरमी नहीं आई और वो लगातार अपने ही अफसरों की भ्रष्टाचार के बारे में बोलते रहे । नीतीश कुमार के कृषि रोडमैप पर सवाल उठाते रहे । जबकि नीतीश कुमार अफसरों का बचाव करते नज़र आए ।

सुधाकर सिंह ने बताया खुद को चोरों के सरदार

बिहार सरकार में कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने कहा था कि हमारे विभाग का कोई ऐसा अंग नहीं जो चोरी नहीं करता । हम इस तरह से चोरों के सरदार हुए । आप अगर पुतला फूंकते रहिएगा तो मुझे याद रहेगा कि किसान नाराज है । अगर ऐसा नहीं करोगे तो मुझे लगेगा सब ठीक चल रहा है । लोहिया जी ने ठीक कहा था कि संसद हमारा हो जाए तो लोगों को सड़क पर उतरना चाहिए । हम ही अकेले सरदार नहीं, हमारे ऊपर भी कई लोग है‌। उन्होंने ये भी कहा कि बीज निगम वाले किसानों की मदद करने के बजाय 100 से 150 करोड़ की चोरी कर लेते है‌ । ये भी कहा कि बीज निगम वाले किसानों की मदद करने के बजाय 100 से 150 करोड़ की चोरी कर लेते है । उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार राज्य बीज निगम ने किसानों को राहत देने के नाम पर करीब 200 करोड़ रुपये का गबन किया है । जिन किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाले धान की खेती करनी थी, वे बिहार राज्य बीज निगम से धान के बीज न ले ।

बता दें कि बिहार के कृषि मंत्री सुधाकर सिंह  अपने एक बयान को लेकर चर्चा में है । सुधाकर सिंह ने कैमूर में एक सभा में कहा था कि कृषि विभाग में कई चोर है । वो चोरों के सरदार है । उनके ऊपर भी कई चोर है । अब इस मसले पर बिहार में बवाल मचा है । नीतीश कुमार विपक्ष के निशाने पर हैं। दूसरी तरफ सुधाकर सिंह अपने बयानों से पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है ।

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